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वॉएजर-2

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का वॉएजर-2 (Voyager 2) सौरमंडल के आखिरी छोर पर पहुंचने वाला इतिहास का दूसरा अंतिरक्ष यान बन गया है. नासा द्वारा जारी जानकारी के अनुसार 41 वर्ष पहले लॉन्च किया गया यह यान सूर्य के चुंबकीय क्षेत्र (हेलियोस्फेयर) से बाहर पहुंच गया है. इससे पूर्व वर्ष 2012 में वॉएजर-1 ने इस सीमा को पार किया था. हालांकि दोनों यान अभी सौरमंडल के अंदर ही हैं और अभी निकट भविष्य में ये इससे बाहर नहीं जाएंगे.

अग्नि-5 मिसाइल का सफल परीक्षण

भारत ने परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम अग्नि-5 मिसाइल का ओडिशा तट से सोमवार को सफल परीक्षण किया। यह परीक्षण ओडिशा तट के पास डॉक्टर अब्दुल कलाम द्वीप से किया गया। सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 को भारत में ही विकसित किया गया है। स्वदेश में विकसित इस मिसाइल का यह सातवां परीक्षण है और यह मिसाइल 5,000 किलोमीटर की दूरी तक लक्ष्य भेदने में सक्षम है। जानकारी के अनुसार, अग्नि-5 तीन चरणों में मार करने वाली मिसाइल है जो 17 मीटर लंबी, दो मीटर चौड़ी है और 1.5 टन तक के परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है।

“हैण्ड इन हैण्ड” युद्ध अभ्यास

भारत और चीन के बीच 10 दिसम्बर, 2018 को “हैण्ड इन हैण्ड” युद्ध अभ्यास की शुरुआत हुई। इस युद्ध अभ्यास के उद्घाटन समारोह का आयोजन चेंगदू में किया गया। यह युद्ध अभ्यास 10 से 23 दिसम्बर के बीच आयोजित किया जायेगा। संयुक्त सैन्य अभ्यास का उद्देश्य आंतकवाद के खिलाफ लड़ाई में आपसी सहयोग को बढ़ावा देना है. इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच मजबूत संबंध बनाना और उन्हें बढ़ावा देना है.

भारतीय एवं रूसी वायुसेना के बीच एवियइंद्रा 2018 युद्धाभ्यास

एवियइंद्रा भारतीय वायु सेना एवं रशियन फेडेरेशन एयरोस्पेस फोर्स (आरएफएसएफ) के बीच एक सेना विशिष्ट अभ्यास है जिसका संचालन 10-21 दिसंबर, 2018 के बीच वायु सेना केंद्र जोधपुर से किया जा रहा है। एक्स एवियइंद्रा 2018 एक्स एवियइंद्रा भारतीय वायु सेना एवं रशियन फेडेरेशन एयरोस्पेस फोर्स के बीच द्विपक्षीय संयुक्त अभ्यास की श्रृंखला में दूसरा अभ्यास है।आरंभिक भारतीय वायु सेना- आरएफएसएफ एक्स एवियइंद्रा का संचालन 2014 में किया गया था।

देश का सबसे ताकतवर इमेजिंग सेटेलाइट लॉन्च

इसरो ने श्रीहरिकोटा से अपने पोलर सैटेलाइट लांच व्हिकल (पीएसएलवी) सी43 से धरती का अध्ययन करने वाले भारतीय हाइपर स्पेक्ट्रल इमेजिंग सैटेलाइट (HysIS) के अलावा 8 देशों के 30 अन्य सैटेलाइटों को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर (एसडीएससी) से प्रक्षेपित किया है.हाईपर स्पेक्ट्रल इमेजिंग सैटेलाइट भू अवलोकन उपग्रह है जिसका विकास इसरो ने किया है. यह पीएसएलवी-सी43 अभियान का प्राथमिक उपग्रह है.इसरो द्वारा विकसित भू प्रेक्षण उपग्रह ‘हाइपर स्पेक्ट्रल इमेजिंग सैटेलाइट’ (HysIS) पीएसएलवी-सी 43 मिशन का प्रमुख उपग्रह है. इसरो ने बताया कि अंतरिक्षयान का वजन करीब 380 किलोग्राम है और इसे 97.957 अंश झुकाव के साथ 636 किलोमीटर-पोलर सन सिंक्रोनस कक्षा में स्थापित किया गया. हाइपर स्पेक्ट्रल इमेजिंग सैटेलाइट के साथ जिन उपग्रहों को रवाना किया गया है उनमें आठ देशों के 29 नैनो और एक माइक्रो उपग्रह शामिल हैं. इनमें 23 उपग्रह अमेरिका के और एक-एक उपग्रह ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, कोलंबिया, फिनलैंड, मलेशिया, नीदरलैंड और स्पेन के हैं। इन सभी उपग्रहों को इसरो की वाणिज्यिक शाखा एंट्रिक्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड के माध्यम से वाणिज्यिक संविदा के तहत प्रक्षेपित किया गया है.

एक्स कोप इंडिया-18

भारत और अमेरिका की वायुसेना सोमवार को पश्चिम बंगाल के दो वायुसेना अड्‌डों से अगले 12 दिनों तक हवा में अभ्यास करेेंगी। यह अभ्यास कलाईकुंडा और पानगढ़ के अर्जन सिंह वायुसेना स्टेशन पर होगा। इस संयुक्त वायुसेना अभ्यास को ‘एक्स कोप इंडिया-18’ नाम दिया गया है। यह सैन्य अभ्यास 14 दिसंबर तक चलेगा। दोनों वायुसेनाओं के बीच यह संयुक्त अभ्यास का चौथा संस्करण है।

जी-20 सम्मलेन 2018 का समापन

विश्व की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं के समूह जी20 के नेताओं की यहां शनिवार को सम्पन्न हुई शिखर बैठक में वैश्विक अर्थव्यस्था से जुड़े ऐसे मुद्दे कम ही रहे जहां उनके बीच कोई सहमति बन सकी समापन सत्र में जारी वक्तव्य में असहमतियों के तमाम बिंदु स्पष्ट दिखाई दे रहे थे। जी20 का ब्यूनस आयर्स सम्मेलन दुनिया से कोई ठोस वादा नहीं कर सका। अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स में आयोजित दो दिवसीय जी-20 शिखर सम्मेलन के समापन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की कि भारत को वर्ष 2022 के जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी प्राप्त हुई है. साल 2022 में जी-20 सम्मेलन की मेजबानी इटली को करनी थी लेकिन भारत का आग्रह मानते हुए इटली ने यह अवसर भारत को सौंप दिया है.

जी-20 शिखर सम्मेलन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए दक्षिण अमेरिकी देश अर्जेंटीना रवाना हो गए हैं. इस यात्रा के दौरान उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत दुनिया के कई बड़े नेताओं के साथ मुलाकात होगी. मोदी अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स में 30 नवंबर और एक दिसंबर को आयोजित होने वाले होने वाले 13वें जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. जी-20 शिखर सम्मेलन के अलावा वह ब्रिक्स देशों के नेताओं से मुलाकात भी करेंगे.
12वें जी-20 शिखर सम्मेलन 2017 में जर्मनी के हैम्बर्ग में हुआ था.

क्या है जी-20

जी-20 का मतलब ग्रुप 20 से है। ये दुनिया के 20 ताकतवर देशों और यूरोपीय यूनियन (ईयू) देशों का समूह है। इसकी स्थापना 1999 में 7 देशों अमरीका, कनाडा, ब्रिटेन, जर्मनी, जापान, फ्रांस और इटली के विदेश मंत्रियों ने की थी। लेकिन 2008 में फाइनेंशियल क्राइसिस के बाद इस फोरम की अगुआई ग्रुप के देशों के शीर्ष नेताओं को दे दी गई। इस ग्रुप का दुनिया की 85 फीसदी इकोनॉमी और 75 फीसदी व्यापार पर कंट्रोल है। अमेरिका, कनाडा, रूस, जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, चीन और भारत समेत 20 देश हर साल समिट में मिलते हैं और दुनिया के आर्थिक हालात समेत कई मुद्दों पर चर्चा करते हैं।

संयुक्त नौसेना अभ्यास‘कोंकण 2018’

भारत और ब्रिटेन के बीच रणनीतिक स्थिरता, आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देने और समुद्री इलाके में सकारात्मक माहौल सुनिश्चित करने के लिए दोनो देशों की नौसेनाओं के बीच संयुक्त युद्धाभ्यास “आईएन-आरएन कोंकण 2018” गोवा में 29 नवम्बर 2018 से शुरू हो गया है। इसमें दोनों देशों के नौसैनिक एक दूसरे के साथ एक सप्ताह से भी अधिक समय तक रण कौशल के विभिन्न गुर तथा अनुभव साझा करेंगे। इस अभ्यास के दौरान बीच सागर में किसी संदिग्ध पोत का औचक निरीक्षण किया जाता है। इस बार हवा और जमीन से किये जाने वाले हमलों से निपटने तथा पनडुब्बी रोधी प्रणालियों का अभ्यास विशेष रूप से किया जायेगा। कोंकण युद्धाभ्यास दोनों देशों की नौसेनाओं को एक ऐसा मंच प्रदान करता है जहाँ समुद्र और बंदरगाह में समय-समय पर युद्धाभ्यास हो सके ताकि पारस्परिकता निर्मित की जा सके और बेहतरीन कार्यप्रणाली का आदान-प्रदान किया जा सके।

मंगल ग्रह पर उतरा नासा का 'मार्स इनसाइट लैंडर'

नासा का इनसाइट लैंडर यान मंगल ग्रह पर लैंड हो गया है। यह यान सोमवार-मंगलवार की रात भारतीय समयानुसार 1 बजकर 24 मिनट पर मंगल ग्रह की सतह पर पहुंचा। नासा का यह यान सिस्मोमीटर की मदद से मंगल की आंतरिक परिस्थितियों का अध्ययन करेगा। नासा के मार्स इनसाइट लैंडर ने पहली तस्वीरें भी भेजी हैं.इस अंतरिक्ष यान को पांच मई 2018 को अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया स्थित वांडेनबर्ग वायुसेना केंद्र से प्रक्षेपित किया गया था.




वज्र प्रहार-2018

बीकानेर. एशिया की सबसे बड़ी बीकानेर (राजस्थान) की महाजन फील्ड रेंज में भारत व अमेरिकी सेना द्वारा संयुक्त युद्धाभ्यास वज्र प्रहार-2018 जारी है। इंडियन आर्मी की दक्षिणी-पश्चिमी कमान द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग नोट के रुप में स्थापित की इस महाजन फिल्ड रेंज में दोनों देशों की सेनाओं का संयुक्त युद्धाभ्यास 19 नवंबर से शुरु हुआ था। जो कि 2 दिसंबर तक चलेगा।

जीसैट-29 का सफल प्रक्षेपण

हैदराबाद: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने गाजा तूफान के खतरे की आशंका के बावजूद आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा से संचार उपग्रह जीसैट-29 का सफल प्रक्षेपण किया। 3,423 किलोग्राम के इस उपग्रह को इसरो के सबसे ताकतवर रॉकेट जीएसएलवी-एमके3-डी2 के जरिए श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया गया। जीसैट-29 श्रीहरिकोटा से लॉन्च हुआ 67वां और भारत का 33वां संचार सैटेलाइट है। उपग्रह में यूनिक किस्म का हाई रिजॉल्यूशन कैमरा लगा है। इसे जियो आई नाम दिया गया है। इससे हिंद महासागर में जहाजों पर निगरानी की जा सकेगी।


2021 तक मानवयुक्त मिशन ‘गगनयान'

इसरो ने अंतरिक्ष के लिए मानवयुक्त मिशन को हासिल करने के लिए 2021 का लक्ष्य रखा है। वहीं, ‘गगनयान' के तहत दिसंबर 2020 तक मानव रहित मिशन शुरू करने की भी योजना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर ऐलान किया था, भारत गगनयान के जरिए 2022 तक मानव को अंतरिक्ष में भेजने की कोशिश करेगा। अभियान के सफल होते ही भारत ऐसा करने वाला चौथा देश बन जाएगा। इसरो प्रमुख के. सिवन ने बताय की इस मिशन पर काम चल रहा है।’

एम-777 होवित्जर तोप और के-9 वज्र तोप सेना में शामिल

मुंबई. भारतीय सेना की ताकत में और इजाफा हो गया है। महाराष्ट्र के दवलाली में शुक्रवार को रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की मौजूदगी में सेना कोमें सेना को अमेरिका से मंगायी गयी एम-777 होवित्जर तोप और के-9 वज्र तोप सौंपी गईं। इस मौके पर सेना प्रमुख विपिन रावत भी मौजूद रहे। होवित्जर तोप की मारक क्षमता 40-50 किलोमीटर है। इसी तरह "के-9 वज्र तोप" 28 से 38 किलोमीटर तक की रेंज में सटीक निशाना साध सकती है। एम-777 को बीएई प्रणाली के तहत महिंद्रा डिफेन्स कंपनी के सहयोग से देश में असेंबल किया जायेगा वहीं के-9 वज्र को दक्षिण कोरिया के सहयोग से लॉरसन एंड टुब्रो ने बनाया है.

भारत और इंडोनेशिया के मध्य नौसौनिक अभ्यास

भारत और इंडोनेशिया के मध्य पहला दिवपक्षीय नौसौनिक अभ्यास ‘समुद्र शक्ति’ इंडोनेशिया के द्वीप सुराबाया पर आरंभ किया गया। यह नौसेनिक अभ्यास 12 नवम्बर 2018 से शुरू हुआ है जो 18 नवम्बर तक चलेगा। इस संयुक्त अभ्यास का उद्देश्य आपसी रिश्तों को विस्तार देना, समुद्री सहयोग को गहरा करना औऱ एक-दूसरे की श्रेष्ठ प्रथाओं को अपनाना है। इस अभ्यास में भाग लेने के लिए भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस राणा इंडोनेशिया के समुद्र तट पर पहुंच चुका है। यह युद्धपोत इन दिनों दक्षिण पूर्व एशिया के समु्द्री इलाके के दौरे पर है। आईएनएस राणा विशाखापतनम स्थित पूर्वी नौसैनिक अड्डे का युद्धपोत है।

एस-400 मिसाइल




पीएम नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन की शुक्रवार को मीटिंग के दौरान S-400 डील पर मुहर लग गई है। इस डील पर अमेरिका समेत दुनिया भर के देशों की नजरें थीं। S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम को दुनिया में सबसे अडवांस माना जाता है। भारत को इस पर तकरीबन 5 अरब डॉलर यानी 40,000 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ेंगे।

कितना खतरनाक है S-400 मिसाइल सिस्टम

इस मिसाइल सिस्टम का पूरा नाम S-400 ट्रायम्फ है जिसे नाटो देशों में SA-21 ग्रोलर के नाम से पुकारा जाता है. यह लंबी दूरी का जमीन से हवा में मार करने वाला मिसाइल सिस्टम है जिसे रूस ने बनाया है. साल 2015 से भारत-रूस में इस मिसाइल सिस्टम की डील को लेकर बात चल रही है. कई देश रूस से यह सिस्टम खरीदना चाहते हैं क्योंकि इसे अमेरिका के थाड (टर्मिनल हाई ऑल्टिट्यूड एरिया डिफेंस) सिस्टम से बेहतर माना जाता है. इसकी मारक क्षमता अचूक है क्योंकि यह एक साथ तीन दिशाओं में मिसाइल दाग सकता है. 400 किमी के रेंज में एक साथ कई लड़ाकू विमान, बैलिस्टिक व क्रूज मिसाइल और ड्रोन पर यह हमला कर सकता है. इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर के मुताबिक, S-400 ट्रायम्फ मिसाइल एक साथ 100 हवाई खतरों को भांप सकता है और अमेरिका निर्मित एफ-35 जैसे 6 लड़ाकू विमानों को दाग सकता है. रूस के साथ S-400 डील होने के बाद भारत दुनिया का तीसरा देश होगा जिसके पास यह मिसाइल सिस्टम है. इसके पहले चीन और तुर्की के साथ रूस यह डील कर चुका है.

'अस्त्र' बी.वी.आर. मिसाइल का सफल हवाई परीक्षण

भारतीय वायु सेना ने देश में तैयार की गयी बियॉन्ड विज़ुअल रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल (BVRAAM) 'अस्त्र' का एसयू-30 लड़ाकू विमान के जरिये एयर फ़ोर्स स्टेशन, कलाईकुंडा से सफल परीक्षण किया.यह परीक्षण पूर्व परीक्षणों की श्रृंखला का अंतिम हिस्सा था.

सामुद्रिक अभ्यास जेआईएमईएक्स18

भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय सामुद्रिक अभ्यास ‘जेआईएमईएक्स18’ विशाखापत्तनम में शुरू यह युद्धाभ्यास का लक्ष्य दोनों बलों की अंतरसंचालन क्षमता बढ़ाना, सर्वश्रेष्ठ परंपराओं को समझना है. इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा सहयोग बढ़ाना है.

बैलिस्टिक मिसाइल 'प्रहार' का सफल परीक्षण

भारत ने रविवार की रात ओडिशा तट पर एक इंटरसेप्टर मिसाइल 'प्रहार' का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। इसके साथ ही भारत ने द्विस्तरीय बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर ली। रक्षा सूत्रों ने बताया कि इंटरसेप्टर को अब्दुल कलाम द्वीप से रात में आठ बजकर पांच मिनट पर प्रक्षेपित किया गया। इसे पहले व्हीलर द्वीप के नाम से जाना जाता था। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के वैज्ञानिक ने कहा कि यह पृथ्वी रक्षा यान (पीडीवी) मिशन पृथ्वी के वायुमंडल में 50 किमी से ऊपर की ऊंचाई पर लक्ष्य को निशाना बनाने के लिए है।

सुनामी मॉक अभ्यास आईओवेव 18

भारतीय उप-महाद्वीप के 23 देशों का भारतीय समुद्री क्षेत्र में आयोजित सुनामी मॉक ड्रिल 2018 पूरा हो गया आईओवेव 18 नाम से इस अभ्यास का आयोजन unesco के अंतर-सरकारी समुद्र विज्ञान आयोग ने किया था.आयोग ने 26 दिसंबर 2014 को आयी सुनामी के बाद चेतावनी और शमन व्यवस्था (आई ओ टी डब्ल्यू एम एस) की स्थापना में भी मदद की थी.

भारत में पहली बार स्पाइस जेट ने बायोफ्यूल से उड़ान भरी

अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के बाद भारत उन देशों में शामिल हो गया है,जिन्होंने बायोफ्यूल से उड़ान भरने में कामयाबी हासिल की है। भारत में पहली बार स्पाइस जेट ने बायोफ्यूल से उड़ान भरी। स्पाइसजेट ने आज देश की पहली बार बायोफ्यूल से चलने वाली परीक्षण उड़ान का परिचालन किया। Bombardier Q400 विमान ने जैव जेट ईंधन की मदद से देहरादून से दिल्ली हवाई अड्डे तक उड़ान भरी। इस विमान में करीब 20 लोग सवार थे। देहरादून से दिल्ली की उड़ान में विमान को 25 मिनट का वक्त लगा। दिल्ली के इंदिरा गांधी हवाई अड्डे पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, नितिन गडकरी और सुरेश प्रभू मौजूद, डॉ हर्षवर्धन ने विमान का स्वागत किया। इस बायोफ्यूल में 75 फीसदी एविएशन टर्बाइन फ्यूल और 25 फीसदी बायोफ्यूल होता है। बायोफ्यूल के साथ उड़ान भरने के बाद एयरलाइन ने कहा कि एटीएफ ईंधन की तुलना में जैवजेट ईंधन इस्तेमाल फायदेमंद है, क्योंकि इससे कॉर्बन उत्सर्जन घटता है और साथ ही ईंधन दक्षता भी बढ़ती है। जट्रोफा फसल से बने इस ईंधन का विकास सीएसआईआर-भारतीय पेट्रोलियम संस्थान, देहरादून ने किया है.


टैंक रोधी निर्देशित मिसाइल ‘हेलीना’

भारत ने 19 अगस्त 2018 को स्वदेशी गाइडेड बम (निर्देशित बम) स्मार्ट एंटी एयरफिल्ड वेपन्ज और टैंक रोधी निर्देशित मिसाइल ‘हेलीना’ का राजस्थान के पोखरण में अलग-अलग फायरिंग रेंज में सफल परीक्षण किया. भारत ने 03 अगस्त 2018 को अंतर-वायुमंडलीय उन्नत वायु रक्षा (एएडी) इंटरसेप्टर मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया. इंटरसेप्टर मिसाइल को ओडिशा तट के अब्दुल कलाम द्वीप से छोड़ा गया. भारत ने इससे पहले 16 जुलाई 2018 को सफलतापूर्वक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्राह्मोस का परीक्षण किया था. यह मिसाइल बेहद कम ऊंचाई से आने वाली किसी भी बैलिस्टिक मिसाइल को बीच में ही मार गिराने में सक्षम है. बहुस्तरीय बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली विकसित करने के प्रयासों के तहत विकसित यह मिसाइल दुश्मन की तरफ से आने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट करने में सक्षम है.



पार्कर सोलर प्रोब' मिशन लॉन्च

अमेरिकी स्पेस एंजेंसी नासा ने 12 अगस्त 2018 को अपना पहला सोलर मिशन 'पार्कर सोलर प्रोब' मिशन लॉन्च किया है. फ्लोरिडा के केप केनेवरल स्थित प्रक्षेपण स्थल से डेल्टा-4 रॉकेट इसे लेकर अंतरिक्ष रवाना किया गया. यह पहली बार होगा जब कोई स्पेसक्राफट सूर्य के इतने करीब जाएगा और उसका अध्ययन करेगा. इसके प्रक्षेपण का मुख्य मकसद कोरोना के रहस्य से पर्दा उठाना है.कोरोना प्लाज्मा से बना होता है और यह वायुमंडल की तरह सूर्य और तारों को चारों ओर से घेरे रहता है. अस्वाभाविक रूप से इसका तापमान सूर्य के सतह से 300 गुना ज्यादा होता है. इससे शक्तिशाली प्लाज्मा और तीव्र ऊर्जा वाले कणों का उत्सर्जन भी होता है, जो धरती पर स्थित पावर ग्रिड में गड़बड़ी ला सकता है.

युद्धाभ्यास पिच ब्लैक-2018



हाल ही में ऑस्ट्रेलिया की वायुसेना द्वारा आयोजित बहुराष्ट्रीय वायुसैनिक अभ्यास पिच ब्लैक-2018 में भारत वायुसेना पहली बार भाग लेने जा रहा है। इस वायुसैनिक अभ्यास में भारत लड़ाकू विमान सुखोई-30 एमकेआई के अलावा हरकुलस और ग्लोब मास्टर विमानों को भी उतार रहा है। पिच ब्लैक युद्धाभ्यास 27 जुलाई 2018 से 17 अगस्त 2018 तक चलेगा। ऐसा पहली बार है जब भारतीय वायुसेना दल रॉयल ऑस्ट्रेलियाई वायु सेना के साथ ऑस्ट्रेलिया में बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास में भाग ले रहा है।

पार्कर सोलर प्रोब मिशन

पार्कर सोलर प्रोब मिशन को 6 अगस्त को रवाना किया जाएगा. यह यान 2024 में सूरज की कक्षा में पहुंचेगा जिसके बाद ये एक साल तक उसके करीब रहकर जानकारियां जुटाएगा.

सुपरसोनिक इंटरसेप्टर मिसाइल का सफल परीक्षण

भारत ने 28 दिसंबर 2017 को स्वदेश निर्मित उन्नत वायु रक्षा (एएडी) सुपरसोनिक इंटरसेप्टर मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया. इस मिसाइल का परीक्षण ओडिशा स्थित अब्दुल कलाम आईलैंड से किया गया.इस मिसाइल प्रणाली को विकसित करने वाला भारत विश्व का चौथा देश बन गया है. यह मिसाइल कम ऊंचाई में किसी भी आने वाली बैलिस्टिक मिसाइल को नष्ट करने में सक्षम है.

‘अग्नि-5’ मिसाइल का सफल परीक्षण

भारत ने परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम और स्वदेश में विकसित लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का 03 जून 2018 को सफलतापूर्वक परीक्षण किया. इस मिसाइल को बंगाल की खाड़ी में डॉ. अब्दुल कलाम द्वीप पर एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) के लांच पैड-4 से सचल प्रक्षेपक (मोबाइल लांचर) की मदद से प्रक्षेपित किया गया. यह अग्नि-5 का छठा परीक्षण था यह मिसाइल बेहद शक्तिशाली है, और 5,000 किलोमीटर तक मार कर सकती है.

भारतीय नौसेना का ऑपरेशन "निस्तार"

भारतीय नौसेना ने यमन के सोकोट्रा द्वीप पर फंसे 38 भारतीयों को सुरक्षित बाहर निकाला. इस इलाके में आये चक्रवात के कारण यह लोग इस क्षेत्र में फंस गए थे, जिन्हें बचाने के लिए भारत ने यह अभियान आरंभ किया था. 'ऑपरेशन निस्तार' के तहत भारतीयों को बाहर निकाला गया. यह ऑपरेशन सोकोट्रा तट पर चलाया गया और उन्हें वापस भारत लाने के लिए भारतीय नौसेना के जहाज आईएनएस सुनयना को भेजा गया.

नौवहन सैन्याभ्यास 'रिमपैक'

चीन के लगातार सैन्यीकरण के कारण प्रशांत महासागर में होने वाले दुनिया के सबसे बड़े नौवहन सैन्याभ्यास 'रिमपैक' के लिए दिया गया निमंत्रण वापस ले लिया है.इस सैन्याभ्यास में भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और ब्रिटेन सहित दुनिया भर के 20 से अधिक देश हिस्सा लेते हैं.

युद्धाभ्यास हरिमऊ शक्ति 2018

भारत और मलेशिया की सेनाएं 30 अप्रैल 2018 से 13 मई 2018 तक मलेशिया के हुलु लंगट स्थित सेंगई परडिक के घने जंगलों में एक संयुक्‍त प्रशिक्षण अभ्‍यास ‘हरिमऊ शक्ति’ का संचालन किया इस अभ्‍यास का उद्देश्‍य दोनों देशों की सेनाओं के मध्‍य परस्‍पर सहयोग और समन्‍वय बढ़ाना तथा घने जंगलों में अराजकता निरोध कार्रवाई के संचालन में विशेषज्ञता को साझा करना है.

युद्धाभ्यास 'विजय प्रहार'

राजस्थान में तैनात सेना की दक्षिण-पश्चिम कमान द्वारा विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘विजय प्रहार’ का अभ्यास किया जा रहा है. इस सैन्य युद्धाभ्यास कार्यक्रम में सेना के 20 हजार सैनिक भाग ले रहे हैं. सूरतगढ़ के पास महाजन रेंज में युद्धाभ्यास 'विजय प्रहार' के जरिये दुश्मन के परमाणु हमले से निपटने का अभ्यास किया जा रहा है. इस दौरान वायुसेना के साथ तालमेल बैठाने का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है.

‘गगन शक्ति-2018’ युद्धाभ्यास

भारतीय वायुसेना द्वारा अब तक का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास ‘गगन-शक्ति 2018’ आयोजित किया गया. इसका आयोजन देश के सभी सीमावर्ती क्षेत्रों में किया जा रहा है तथा जहां आश्यकता है वहां किया जा रहा है. यह युद्धाभ्यास 22 अप्रैल 2018 तक चलेगा. गगन शक्ति-2018 में पहली बार महिला पायलट भी हिस्सा ले रही है. इस युद्धाभ्यास में पहली बार स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस भाग ले रहा है.

भारत वियतनाम संयुक्त सैन्याभ्यास

भारत और वियतनाम की सेनाओं ने 29 जनवरी 2018 को मध्यप्रदेश के जबलपुर में संयुक्त सैन्याभ्यास में हिस्सा लिया. यह संयुक्त सैन्याभ्यास छह दिनों तक चलेगा. इस अभ्यास को ‘विनबैक्स’ नाम दिया गया है. यह दोनों देशों के बीच होने वाला पहला संयुक्त सैन्य अभ्यास हैं.




रूस ने विश्व का पहला पानी पर तैरता परमाणु संयत्र लॉन्च किया

रूस ने विश्व का पहला तैरता हुआ परमाणु ऊर्जा संयंत्र लॉन्च किया. अब तक किसी भी देश के पास इस प्रकार की तकनीक नहीं थी. रूस ने इसे मुरमंस्क शहर के एक बंदरगाह से समुद्र में उतारा. इसका नाम ‘एकेडेमिक लोमोनोसोव’ (akademik lomonosov) है.



बैलिस्टिक मिसाइल ‘सरमत’

रूसी सेना ने हाल ही में अंतर-महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) ‘सरमत’ का सफल परीक्षण किया है. उत्तर-पश्चिमी रूस के प्लेसेत्स्क कॉस्मोड्रोम (प्रक्षेपण केंद्र) से ‘सरमत’ मिसाइल का प्रक्षेपण किया गया. रूस से अमेरिका के बीच की दूरी 8000 किलोमीटर है, जबकि इस मिसाइल की मारक क्षमता 12,000 किलोमीटर से भी अधिक आंकी गयी है. यह मिसाइल अपने साथ 10 परमाणु हथियार अर्थात लगभग 100 टन वजनी परमाणु सामग्री ले जा सकती है.

‘अग्नि-5’ मिसाइल का सफल परीक्षण

भारत ने परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम और स्वदेश में विकसित लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का 03 जून 2018 को सफलतापूर्वक परीक्षण किया. इस मिसाइल को बंगाल की खाड़ी में डॉ. अब्दुल कलाम द्वीप पर एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) के लांच पैड-4 से सचल प्रक्षेपक (मोबाइल लांचर) की मदद से प्रक्षेपित किया गया. यह अग्नि-5 का छठा परीक्षण था यह मिसाइल बेहद शक्तिशाली है, और 5,000 किलोमीटर तक मार कर सकती है.



तेजस ने बीवीआर मिसाइल का किया सफल परीक्षण

स्वेदशी रुप से विकसित हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस ने हवा से हवा में मार करने वाली बियोंड विजुअल रेंज (बीवीआर) मिसाइल का सफल परीक्षण किया. इस परीक्षण का उद्देश्य तेजस पर मौजूद प्रणालियों के साथ डर्बी को जोड़े जाने का आकलन करना और इसके प्रदर्शन का सत्यापन करना था. इन प्रणालियों में एवियोनिक्स, अग्नि नियंत्रण राडार, लांचर और मिसाइल हथियार आपूर्ति प्रणाली शामिल है. तेजस को पुराने मिग 21 विमानों के स्थान पर तैयार किया गया था लेकिन अब यह एक आधुनिक लड़ाकू विमान बन चुका है.




निपाह वायरस

☯केरल के कोझिकोड में पहली बार 'निपाह वायरस' (एन.आई.वी) से संक्रमित 11 लोगों की मौत के बाद ऐसे मरीजों की सघन निगरानी आरम्भ की गई तथा देश भर के स्वास्थ्य विभागों तथा संस्थाओं को आपातकालीन सेवाओं के लिए तैयार किया गया है.
☯निपाह वायरस एक 'जूनेटिक वायरस' है.जो पशुओं से मनुष्य के शरीर में प्रवेश करता है.
☯यह हेंडर वायरस के समान होता है.
☯निपाह वायरस राइबो न्यूक्लिक एसिड (RNA) वायरस है.विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे 'निपाह वायरस इन्सेफलाइटिस' कहा है.
☯निपाह वायरस के संक्रमण का कोई टीका वर्तमान में उपलब्ध नहीं है.
☯निपाह वायरस (NiV) का पता पहली बार 1998 में डॉ. बिंग चुआ के शोध से लगा था.
☯सबसे पहले निपाह (मलेशिया) नामक स्थान में संक्रमण फैलने के कारण इसे निपाह वायरस कहा गया.
☯इस वायरस के संक्रमण से मलेशिया के कैम्पुंग सुन्गाई में सैकड़ों लोगों की मौत हुई.
☯फ्रूट बैट चमगादड़ की एक प्रजाति है,जो संक्रमण को तेजी से फैलाता है.
☯फ्रूट बैट्स द्वारा केला,आम,अंजीर,तथा अन्य रसीले फल खाये जाते हैं,जिससे संक्रमण मनुष्य में पहुंच जाता है.

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