free hits

संयुक्त राष्ट्र महासभा का 73वां सत्र

संयुक्त राष्ट्र महासभा का 73वां सत्र 18 सितम्बर 2018 को शुरू हुआ और इसकी नयी अध्यक्ष मारिया फर्नांडा एस्पिनोसा गारसेस ने इस वैश्विक संस्था में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने तथा सुधार प्रक्रिया को समर्थन देने का संकल्प लिया. मारिया इस 193 सदस्यीय संस्था के इतिहास में इस पद पर निर्वाचित होने वाली चौथी महिला और लातिन अमेरिका तथा कैरेबियाई क्षेत्र की पहली महिला हैं. भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की बहन एवं पूर्व भारतीय राजनयिक विजय लक्ष्मी पंडित वर्ष 1953 में महासभा की अध्यक्ष निर्वाचित होने वाली पहली महिला थीं. इनके बाद लाइबेरिया की एंजी एलिजाबेथ 1969 में जबकि बहरीन की शेखा हया राशिद आल खलीफा 2006 में इस पद पर चुनी गई थीं. महासभा अध्यक्ष ने अपने संबोधन में अपनी सात प्राथमिकताओं को रेखांकित किया. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने मारिया को पद संभालने पर बधाई दी.

इब्राहिम मोहम्मद मालदीव के नए राष्ट्रपति

कोलंबो:मालदीव राष्ट्रपति चुनाव परिणाम की हुई घोषणा में विपक्ष के उम्मीदवार मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) के इब्राहीम मोहम्मद सोलिह को जीत मिली है। सोलिह को 58.3 प्रतिशत मत मिले हैं। पर्यवेक्षकों का आरोप था कि निवर्तमान राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने अपनी जीत पक्की करने के लिए गड़बडिय़ां की हैं।

आरिफ अल्वी पाकिस्तान के नये राष्ट्रपति



प्रधानमंत्री इमरान खान के करीबी सहयोगी और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल आरिफ अलवी ने पाकिस्तान के नये राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। पाकिस्तान के प्रधान न्यायाधीश साकिब निसार ने ऐवान-ए-सद्र (राष्ट्रपति भवन) में आयोजित सादे समारोह में पेशे से दंत चिकित्सक 69 वर्षीय अलवी को पाकिस्तान के 13वें राष्ट्रपति के रूप में पद की शपथ दिलायी। अलवी को चार सितंबर को हुए चुनाव में पाकिस्तान का नया राष्ट्रपति चुना गया था। अलवी ने पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के उम्मीदवार ऐतजाज अहसन और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-एन के उम्मीदवार मौलाना फजल उर रहमान को त्रिकोणीय मुकाबले में मात दी थी।

12वें एशिया-यूरोप शिखर सम्मेलन

ब्रूसेल्स : उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने 12वें एशिया-यूरोप (एएसईएम) शिखर सम्मेलन के दौरान आतंकवाद को शांति और स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बताते हुए वैश्विक आतंकवाद पर व्यापक समझौते को जल्द पूरा करने का आह्वान किया. नायडू सम्मेलन में पूर्ण सत्र को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने 12वें एशिया-यूरोप बैठक (एएसईएम) शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया . इसकी थीम थी ‘वैश्विक चुनौतियों के लिए वैश्विक साझेदार' है. वर्ष में दो बार होने वाले इस सम्‍मेलन को एशिया और यूरोप के बीच व्‍यापार, निवेश, सुरक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में संवाद और सहयोग के सबसे बड़े मंच के रूप में देखा जाता है। इसमें इस बार 51 देशों के शासनाध्‍यक्षों और राष्‍ट्राध्‍यक्षों ने भाग लिया.

श्रीलंका में संवैधानिक संकट



श्रीलंका में संवैधानिक संकट की स्थिति पैदा हो गई है. राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना ने प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को बर्खास्त कर पूर्व राष्ट्रपति महिंद्रा राजपक्षे को प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई।दूसरी तरफ, विक्रमसिंघे ने खुद को हटाए जाने को 'गैरकानूनी' बताया है और कहा है कि वह इस फैसले को कोर्ट में चुनौती देंगे। जिसके बाद वित्त मंत्री ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए राजपक्षे की इस तरह की वापसी को अलोकतांत्रिक सत्तापलट करार दिया।



काट्सा CAATSA क्या है ?

अमेरिकी सीनेट ने ईरान,उत्तर कोरिया और रूस पर पाबंदियां लगाने के लिए 2017 में "Countering America's Adversaries Through Sanctions Act" (काट्सा) पास किया था. इसका उद्देश्य यूरोप में रूस के बढ़ते प्रभाव को रोकना भी है. इसकी धारा 231 के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति के पास किसी भी देश पर 12 किस्म के पाबंदियां लगाने का अधिकार है. अमेरिका ने रूस के 39 संस्थाओं को चिन्हित किया है,जिनके साथ कारोबार करनेवालों को पाबंदियों का सामना करना पड़ सकता है. इनमे ज्यादातर संस्थाएं रक्षा उपकरणों को तैयार करती है. भारत के सबसे ज्यादा रक्षा-उपकरण रूसी हैं. इस अधिनियम के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति के पास राष्ट्रीय हित में किसी देश को इन पाबंदियों से छूट देने का अधिकार भी है. भारत ने रूस के साथ जमीन से हवा में मारने की क्षमता वाले एस-400 मिसाइलों की डील कर दी है, लेकिन अमेरिका अड़ंगा बना हुआ है। रूस के साथ हुई डील के बाद अमेरिका ने भारत से कहा है कि वे अगर से उनसे एफ-16 फाइटर खरीद लें तो उन पर काट्सा (Countering America's Adversaries Through Sanctions Act) के तहत कार्रवाई नहीं की जाएगी।

भारत संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद का सदस्य बना

संयुक्त राष्ट्र: भारत संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष मानवाधिकार संस्था में तीन साल के लिए चुना गया. उसे एशिया - प्रशांत श्रेणी में 188 वोट मिले हैं. भारत का कार्यकाल एक जनवरी 2019 से शुरू होगा. संयुक्त राष्ट्र की 193 सदस्यीय महासभा ने यहां संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) के नये सदस्यों के लिए चुनाव किया. गुप्त मतदान के जरिए कुल 18 नये सदस्य चुने गए हैं. परिषद के लिए चुने जाने के लिए कम से कम 97 वोटों की जरूरत होती है. भारत एशिया-प्रशांत श्रेणी में सीट के लिए इच्‍छुक था. भारत के अलावा इस सीट के लिए बहरीन, बांग्‍लादेश, फिजी और फिलिपींस ने भी अपना दावा पेश किया था. यह देखते हुए कि एशिया-प्रशांत श्रेणी में पांच देश सीट पाने के इच्‍छुक हैं, भारत का चुना जाना लगभग तय था. संयुक्‍त राष्‍ट्र में भारत के स्‍थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि भारत की जीत अंतराष्‍ट्रीय समुदाय में भारत की मजबूत स्थिति को दर्शाती है.

एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम

भारत और रूस के बीच आखिरकार बहुप्रतिक्षित एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम डील पर हस्ताक्षर हो गए हैं। डील के मुताबिक भारत रूस से एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम के 5 सेट खरीदेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद नई दिल्ली में इस डील पर हस्ताक्षर किए गए। रूस के साथ ये डील होने के बाद भारत दुनिया का तीसरा ऐसा देश बन गया जिसके पास यह मिसाइल सिस्टम होगा। भारत से पहले रूस चीन और तुर्की के साथ डील कर चुका है।

ऑपरेशन ‘समुद्र मैत्री’

इंडोनेशिया में भूकंप और सुनामी पीड़ितों की सहायता के लिए भारत ने व्यापक अभियान शुरू करते हुए दो विमान और नौसेना के तीन पोत भेजे हैं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशियाई राष्ट्रपति जोको विदोदो के बीच एक अक्टूबर को टेलिफोन पर हुई बातचीत तथा इंडोनेशिया द्वारा अंतरराष्ट्रीय सहायता स्वीकार किए जाने के बाद भारत ने ऑपरेशन ‘समुद्र मैत्री’ शुरू किया।

दिल्ली आईजीआई एयरपोर्ट विश्व का 16वां सबसे व्यस्त एयरपोर्ट

दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्‌डा दुनिया का 16वां सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है। 2017 में दिल्ली हवाई अड्‌डे से 6.3 करोड़ लोगों ने सफर किया। अटलांटा हार्ट्सफील्ड-जैक्सन एयरपोर्ट दुनिया का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा रहा। यहां से 2017 में 10.4 करोड़ लोगों ने सफर किया। अटलांटा पिछले साल भी नंबर-1 था। जबकि दूसरे नबंर पर पेइचिंग एयरपोर्ट है। तो वहीं दुबई इंटरनैशनल एयरपोर्ट तीसरे स्थान पर है। इसके बाद टोक्यो एयरपोर्ट चौथे स्थान पर है।

इब्राहिम मोहम्मद सोलिह मालदीव के अगले राष्ट्रपति

मालदिवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) के इब्राहिम मोहम्मद सोलिह मालदीव के अगले राष्ट्रपति होंगे। रविवार को हुए राष्ट्रपति चुनाव में उन्होंने मौजूदा राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन को हरा दिया। चुनाव आयोग के मुताबिक, सोलिह को 58.3 प्रतिशत वोट हासिल हुए। इब्राहिम भारत के साथ मजबूत रिश्तों के हिमायती रहे हैं, जबकि यामीन का झुकाव चीन की तरफ रहा है।

विश्व हिंदू कांग्रेस 2018

7-9 सितंबर, 2018 के मध्य द्वितीय ‘विश्व हिंदू कांग्रेस’ (World Hindu Congress) शिकागो, अमेरिका में आयोजित की जा रही है। ‘विश्व हिंदू कांग्रेस’, विश्व हिंदू फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक अनौपचारिक सम्मेलन है। इस अवसर पर 9 सितंबर, 2018 को ‘स्वामी विवेकानंद के शिकागो भाषण की 125वीं वर्षगांठ’ के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। 11 सितंबर, 1893 को स्वामी विवेकानंद ने शिकागो में आयोजित धर्म संसद को संबोधित किया था। भारत के उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू इस कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। विश्व हिंदू कांग्रेस में लगभग 80 देशों से 2,500 से ज्यादा प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्मीद है। प्रथम ‘विश्व हिंदू कांग्रेस’ को 21-23 नवंबर, 2014 को नई दिल्ली में आयोजित किया गया था।

चौथा बिम्सटेक शिखर सम्मेलन, 2018

30-31 अगस्त, 2018 के मध्य बिम्सटेक (BIMSTEC : Bay of Bengal Initiative for Multi Sectoral Technical and Economic Cooperation) का चौथा शिखर सम्मेलन काठमांडू नेपाल में आयोजित हुआ। इस दो दिवसीय शिखर सम्मेलन का मुख्य विषय (Theme) – ‘‘शांतिपूर्ण, समृद्ध और स्थिर बंगाल की खाड़ी क्षेत्र का लक्ष्य’’ (Towards a Peaceful, Prosperous and Sustainable Bay of Bengal Region) था। ज्ञातव्य है कि बिम्सटेक का तीसरा शिखर सम्मेलन नाय पी टा (Nay Pyi Taw) में वर्ष 2014 में आयोजित किया गया था। चौथे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस शिखर सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। इसके अलावा बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना, थाईलैंड के प्रधानमंत्री प्रयुत चान ओचा, म्यांमार के राष्ट्रपति विन मिन्त और भूटान की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार दाशो शेरिंग वांगचुक ने भाग लिया। इस सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अगस्त, 2020 में ‘अंतरराष्ट्रीय बुद्धिस्ट कॉनक्लेव’ की मेजबानी करेगा, जिसमें बिम्सटेक सदस्य देश ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ के रूप में भागीदारी करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में कला, संस्कृति, सामुद्रिक कानूनों एवं अन्य विषयों पर शोध के लिए नालंदा विश्वविद्यालय में एक ‘सेंटर फॉर बे ऑफ बंगाल स्टडीज’ (Centre for Bay of Bengal Studies) की स्थापना करेगा। इस शिखर सम्मेलन में बिम्सटेक के सदस्य देशों में ऊर्जा सहयोग को बढ़ाने के लिए बिम्सटेक ग्रिड इंटर कनेक्शन की स्थापना के लिए सहमति-पत्र पर भी हस्ताक्षर किया गया। अगला शिखर सम्मेलन श्रीलंका में प्रस्तावित है। 31 अगस्त, 2018 को चौथे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन का घोषणा-पत्र जारी किया गया। जिसके कुछ प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं- (i) वर्ष 2030 तक बंगाल की खाड़ी क्षेत्र से निर्धनता उन्मूलन के प्रति प्रतिबद्धता। (ii) इस क्षेत्र में राजमार्गों, रेलमार्गों, जलमार्गों और वायु सेवाओं का विकास विस्तार और आधुनिकीकरण। (iii) बिम्सटेक मुक्त व्यापार क्षेत्र (FTA) की बातचीत को शीघ्र पूर्ण करने की प्रतिबद्धता। (iv) दिसंबर, 2018 में बिम्सटेक स्टार्ट-अप सभा भारत में प्रस्तावित। (v) मार्च, 2019 में बिम्सटेक के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुखों की तीसरी बैठक थाईलैंड में प्रस्तावित।

बिम्सटेक के बारे में

बिम्सटेक’ – अर्थात द बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी- सेक्टरल टेक्निकल एंड इकोनोमिक को-ऑपरेशन’ में भारत तथा बंगाल की खाड़ी के आसपास के देश बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, म्यामांर और थाईलैंड शामिल हैं। बिम्सटेक की स्थापना के पूर्व ‘बिस्टेक’ स्थापित हुआ था। थाईलैंड के विशेष प्रयासों से जून, 1997 में बैंकॉक में बांग्लादेश, भारत-श्रीलंका एवं थाईलैंड की बैठक हुई थी और ‘BIS-TC’ (Bangladesh, India, Sri Lankal Thailand – Economic Cooperation) का गठन बैंकॉक घोषणा-पत्र द्वारा किया गया। दिसंबर, 1997 में ही इस समूह में म्यांमार के सम्मिलित होने से इसका नामकरण ‘BIMST-EC’ (Bangladesh, India, Myanmar, Sri Lank, Thailand – Economic Cooperation) कर दिया गया। फरवरी, 2004 में नेपाल एवं भूटान भी इस समूह में सम्मिलित हुए। परिणामतः इसका नाम पुनः परिवर्तित कर ‘BIMSTEC’ रखा गया। वर्तमान में इसके सात सदस्य हैं। इन देशों में विश्व की लगभग 22 प्रतिशत जनसंख्या रहती है। बिम्सटेक का पहला शिखर सम्मेलन जुलाई, 2004 में थाईलैंड में आयोजित हुआ था। वर्ष 2014 में ढाका (बांग्लादेश) में बिम्सटेक के सचिवालय की स्थापना की गई।

11वां विश्व हिंदी सम्मेलन

भारतीय विदेश मंत्रालय ने मॉरीशस सरकार के सहयोग से 18 से 20 अगस्त 2018 तक 11वें विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन किया गया. इस सम्मेलन का प्रतीक चिन्ह 'मोर के साथ डोडो' था. मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ ने सम्मेलन में दो डाक टिकट जारी किये. एक पर भारत एवं मॉरीशस के राष्ट्रिय ध्वज और दूसरे पर दोनों देशों के राष्टीय पक्षी मोर और डोडो की तस्वीर है. इसके साथ ही उन्होंने भारत के सहयोग से बने साइबर टावर को अब अटल बिहारी वाजपयी टावर नाम देने की घोषणा की. भारतीय विदेश मंत्रालय के सहयोग से मॉरीशस के महात्मा गाँधी इंस्टिट्यूट में हिंदी को बढ़ावा देने के लिए 'पाणिनी भाषा प्रयोगशाला' भी शुरू की गई है. इसका उद्घाटन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने किया.



18वां शंघाई सहयोग शिखर सम्मेलन

शंघाई सहयोग संगठन (Shanghai Cooperation Organisation: SCO) का 18वां सम्मेलन पूर्वी चीनी तटीय शहर किंगडाओ में 9-10 जून को आयोजित हुआ ।

शंघाई सहयोग संगठन के बारे में