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चौथा बिम्सटेक शिखर सम्मेलन, 2018

30-31 अगस्त, 2018 के मध्य बिम्सटेक (BIMSTEC : Bay of Bengal Initiative for Multi Sectoral Technical and Economic Cooperation) का चौथा शिखर सम्मेलन काठमांडू नेपाल में आयोजित हुआ। इस दो दिवसीय शिखर सम्मेलन का मुख्य विषय (Theme) – ‘‘शांतिपूर्ण, समृद्ध और स्थिर बंगाल की खाड़ी क्षेत्र का लक्ष्य’’ (Towards a Peaceful, Prosperous and Sustainable Bay of Bengal Region) था। ज्ञातव्य है कि बिम्सटेक का तीसरा शिखर सम्मेलन नाय पी टा (Nay Pyi Taw) में वर्ष 2014 में आयोजित किया गया था। चौथे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस शिखर सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। इसके अलावा बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना, थाईलैंड के प्रधानमंत्री प्रयुत चान ओचा, म्यांमार के राष्ट्रपति विन मिन्त और भूटान की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार दाशो शेरिंग वांगचुक ने भाग लिया। इस सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अगस्त, 2020 में ‘अंतरराष्ट्रीय बुद्धिस्ट कॉनक्लेव’ की मेजबानी करेगा, जिसमें बिम्सटेक सदस्य देश ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ के रूप में भागीदारी करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में कला, संस्कृति, सामुद्रिक कानूनों एवं अन्य विषयों पर शोध के लिए नालंदा विश्वविद्यालय में एक ‘सेंटर फॉर बे ऑफ बंगाल स्टडीज’ (Centre for Bay of Bengal Studies) की स्थापना करेगा। इस शिखर सम्मेलन में बिम्सटेक के सदस्य देशों में ऊर्जा सहयोग को बढ़ाने के लिए बिम्सटेक ग्रिड इंटर कनेक्शन की स्थापना के लिए सहमति-पत्र पर भी हस्ताक्षर किया गया। अगला शिखर सम्मेलन श्रीलंका में प्रस्तावित है। 31 अगस्त, 2018 को चौथे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन का घोषणा-पत्र जारी किया गया। जिसके कुछ प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं- (i) वर्ष 2030 तक बंगाल की खाड़ी क्षेत्र से निर्धनता उन्मूलन के प्रति प्रतिबद्धता। (ii) इस क्षेत्र में राजमार्गों, रेलमार्गों, जलमार्गों और वायु सेवाओं का विकास विस्तार और आधुनिकीकरण। (iii) बिम्सटेक मुक्त व्यापार क्षेत्र (FTA) की बातचीत को शीघ्र पूर्ण करने की प्रतिबद्धता। (iv) दिसंबर, 2018 में बिम्सटेक स्टार्ट-अप सभा भारत में प्रस्तावित। (v) मार्च, 2019 में बिम्सटेक के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुखों की तीसरी बैठक थाईलैंड में प्रस्तावित।

बिम्सटेक के बारे में

बिम्सटेक’ – अर्थात द बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी- सेक्टरल टेक्निकल एंड इकोनोमिक को-ऑपरेशन’ में भारत तथा बंगाल की खाड़ी के आसपास के देश बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, म्यामांर और थाईलैंड शामिल हैं। बिम्सटेक की स्थापना के पूर्व ‘बिस्टेक’ स्थापित हुआ था। थाईलैंड के विशेष प्रयासों से जून, 1997 में बैंकॉक में बांग्लादेश, भारत-श्रीलंका एवं थाईलैंड की बैठक हुई थी और ‘BIS-TC’ (Bangladesh, India, Sri Lankal Thailand – Economic Cooperation) का गठन बैंकॉक घोषणा-पत्र द्वारा किया गया। दिसंबर, 1997 में ही इस समूह में म्यांमार के सम्मिलित होने से इसका नामकरण ‘BIMST-EC’ (Bangladesh, India, Myanmar, Sri Lank, Thailand – Economic Cooperation) कर दिया गया। फरवरी, 2004 में नेपाल एवं भूटान भी इस समूह में सम्मिलित हुए। परिणामतः इसका नाम पुनः परिवर्तित कर ‘BIMSTEC’ रखा गया। वर्तमान में इसके सात सदस्य हैं। इन देशों में विश्व की लगभग 22 प्रतिशत जनसंख्या रहती है। बिम्सटेक का पहला शिखर सम्मेलन जुलाई, 2004 में थाईलैंड में आयोजित हुआ था। वर्ष 2014 में ढाका (बांग्लादेश) में बिम्सटेक के सचिवालय की स्थापना की गई।

11वां विश्व हिंदी सम्मेलन

भारतीय विदेश मंत्रालय ने मॉरीशस सरकार के सहयोग से 18 से 20 अगस्त 2018 तक 11वें विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन किया गया. इस सम्मेलन का प्रतीक चिन्ह 'मोर के साथ डोडो' था. मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ ने सम्मेलन में दो डाक टिकट जारी किये. एक पर भारत एवं मॉरीशस के राष्ट्रिय ध्वज और दूसरे पर दोनों देशों के राष्टीय पक्षी मोर और डोडो की तस्वीर है. इसके साथ ही उन्होंने भारत के सहयोग से बने साइबर टावर को अब अटल बिहारी वाजपयी टावर नाम देने की घोषणा की. भारतीय विदेश मंत्रालय के सहयोग से मॉरीशस के महात्मा गाँधी इंस्टिट्यूट में हिंदी को बढ़ावा देने के लिए 'पाणिनी भाषा प्रयोगशाला' भी शुरू की गई है. इसका उद्घाटन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने किया.



18वां शंघाई सहयोग शिखर सम्मेलन

शंघाई सहयोग संगठन (Shanghai Cooperation Organisation: SCO) का 18वां सम्मेलन पूर्वी चीनी तटीय शहर किंगडाओ में 9-10 जून को आयोजित हुआ ।

शंघाई सहयोग संगठन के बारे में