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विश्व आर्थिक मंच सम्मेलन 2019

विश्व आर्थिक मंच का वर्ष 2019 वार्षिक सम्मेलन 22 जनवरी 2019 को स्विट्ज़रलैंड के दावोस में उद्घाटित हुआ। विभिन्न पक्ष मानव के आधार पर वैश्वीकरण 4.0 का निर्माण करने पर चर्चा करेंगे। वार्षिक सम्मेलन के पहले दिन चीन सम्मेलन का गर्म शब्द बना। विश्व आर्थिक मंच के संस्थापक व कार्यकारी अध्यक्ष क्लौस मार्टिन स्चवाब ने 22 जनवरी को वार्षिक सम्मेलन के उद्घाटन किया इस बैंठक में माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला सम्मेलन के को-चेयरमैन होंगे.जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल, स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति यूली मॉरर, जापान के प्रधानमंत्री शिंजो एबी, इटली के प्रधानमंत्री गेसपी कोंट, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत आइएमएफ, डब्ल्यूटीओ, व‌र्ल्ड बैंक और इस तरह की अन्य संस्थाओं के प्रमुख शामिल होंगे.भारत से इस सम्मेलन में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ, केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु, आंध्र प्रदेश के मंत्री लोकेश नारा तथा पंजाब के मंत्री मनप्रीत बादल के अलावा गौतम अडानी, मुकेश अंबानी, संजीव बजाज, एन चंद्रशेखरन, सज्जन जिंदल, आनंद महिंद्रा, सुनील मित्तल, नंदन निलेकणी, सलिल पारेख, अजीम प्रेमजी, रवि रुइया, अजय सिंह, करण जौहर, पूर्व आरबीआइ गवर्नर रघुराम राजन, केवी कामथ और गीता गोपीनाथ जैसी हस्तियां शामिल होंगे.

वाराणसी में प्रवासी भारतीय दिवस समारोह

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में 21.01.19 से तीन दिवसीय 15वें प्रवासी भारतीय सम्मेलन 2019 की शुरूआत हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी औपचारिक रूप से प्रवासी भारतीय दिवस का उद्घाटन करेंगे। उत्तर प्रदेश इस बार इस कार्यक्रम के लिए सहयोगी राज्य बना है सम्मेलन में नए भारत के निर्माण में प्रवासी भारतीयों की भूमिका को लेकर विशेष तौर पर चर्चा होगी. तीन दिनों के आयोजन में प्रवासी भारतीयों के लिए कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी रखे गए हैं. सांसद और नृत्यांगना हेमा मालिनी का भी एक कार्यक्रम भारतवंशी देख सकेंगे. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 23 जनवरी को सम्मेलन के समापन समारोह में शिरकत करेंगे

राष्ट्रपति कोविंद से मिले चेक प्रधानमंत्री आंद्रेज बाबिस

चेक गणराज्य के प्रधानमंत्री आंद्रेज बाबिस ने 19 जनवरी 2019 को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने चेक प्रधानमंत्री का भारत में स्वागत करते हुए अपनी सितंबर,2018 में चेक यात्रा को याद किया। उन्होंने कहा कि भारत चेक गणराज्य को अपनी विकास यात्रा में एक प्रमुख भागीदार मानता है। उन्होंने गांधीनगर में वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन में 'चेक मेक इन इंडिया' मंडप की मेजबानी के लिए चेक सरकार को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि भारत में चेक प्रौद्योगिकी और विनिर्माण के लिए अपार संभावनाएं हैं।

ब्रेक्ज़िट पर ब्रिटेन की प्रधानमंत्री की योजना संसद में खारिज

16.01.19 ब्रेक्सिट यानी यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के अलग होने की ब्रितानी प्रधानमंत्री थेरेसा मे की योजना को संसद ने भारी बहुमत से ख़ारिज कर दिया है। थेरेसा मे की योजना को 432 सांसदों ने ख़ारिज कर दिया और उन्हें केवल 202 सांसदों का समर्थन मिल सका। यहां तक कि ख़ुद थेरेसा मे की कंज़र्वेटिव पार्टी के 118 सांसदों ने विपक्षी पार्टियों के साथ मिलकर इस डील के ख़िलाफ़ वोट दिया। प्रधानमंत्री थेरेसा मे की योजना को मिली इस ऐतिहासिक हार के बाद विपक्षी लेबर पार्टी ने सरकार के ख़िलाफ़ अविश्वास मत का प्रस्ताव दिया है। थेरेसा मे सदन का विश्वास हासिल करने में नाकाम रहती हैं तो उन्हें या किसी और को 14 दिनों के अंदर सदन का विश्वास हासिल करने का मौक़ा मिलेगा. लेकिन अगर कोई सरकार नहीं बन पाती है तो फिर ब्रिटेन में आम चुनाव की घोषणा होगी।

पहली भारत-मध्य एशिया वार्ता

पहली भारत-मध्य एशिया वार्ता का आयोजन उज्बेकिस्तान स्थित समरकंद में 12-13 जनवरी 2019 को किया गया. इस वार्ता की सह-अध्यक्षता भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज तथा उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री अब्दुलअज़ीज़ कमीलोव द्वारा की गई. इसमें भारत सरकार मध्य एशियाई देशों, उज्बेकिस्तान, किर्गिज गणराज्य, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और कजाकिस्तान के साथ पहली बार संयुक्त रूप से वार्ता में शामिल हुआ. भारत का सभी पाँच देशों के साथ द्विपक्षीय व्यापार दो बिलियन डॉलर से कम है. भारत ने इसके सुधार के लिये चाबहार पोर्ट के माध्यम से वैकल्पिक मार्ग खोजने की कोशिश की है.अगली ‘भारत-मध्य एशिया वार्ता’ की मेजबानी भारत करेगा, जो साल 2020 में होगी. इसका ऐलान उज्बेकिस्तान के समरकंद में हुई

रायसीना डायलॉग, 2019

8-10 जनवरी, 2019 के मध्य ‘रायसीना संवाद’ के चौथे संस्करण का आयोजन नई दिल्ली में किया गया। इस सम्मेलन का मुख्य विषय (Theme)-“A World Reorder : New Geometries; Fluid Partnership; Uncertain Outcomes” इस सम्मेलन में 93 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया नार्वे की प्रधानमंत्री एर्ना सोलबर्ग के उद्घाटन भाषण से इस सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज इस कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में शामिल हुईं। इस सम्मेलन का आयोजन वर्ष 2015 से किया जा रहा है.

विश्‍व बैंक के अध्‍यक्ष जिम योंग का इस्तीफा

विश्‍व बैंक के अध्‍यक्ष जिम योंग किम ने अपने कार्यकाल के पूरा होने से पहले ही, 1 फरवरी को अपने पद से हटने की घोषणा कर दी है. जिम योंग किम का कार्यकाल 2022 तक का है. 58 वर्षीय किम अपने पद पर 6 साल से अधिक समय से हैं.विश्‍व बैंक की कार्यकारी अध्‍यक्ष क्रिस्‍तालीना जिर्योजीवा पहली फरवरी से अंतरिम अध्‍यक्ष का कार्यभार संभालेंगी.

निकोलस मादुरो दूसरी बार वेनेजुएला के राष्ट्रपति

गहराते आर्थिक संकट के बीच वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने 10 जनवरी को विवादास्पद दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ ली। मादुरो को उच्चतम न्यायालय के प्रमुख माइकेल मोरेनो ने पद की शपथ दिलायी। राजधानी काराकस में आयोजित शपथ ग्रहण में सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित थे। समारोह का यूरोपीय संघ, अमेरिका और वेनेजुएला के दक्षिण अमेरिका के पड़ोसी देशों ने बहिष्कार किया।

जेयर बोल्सोनारो बने ब्राजील के नए राष्ट्रपति

धुर दक्षिणपंथी जेयर बोल्सोनारो (Jair Bolsonaro) ने ब्राजील के नए राष्ट्रपति (Brazil Presidant) के रूप शपथ ली. पूर्व सेना अधिकारी बोल्सोनारो (63) ने वामपंथी वर्कर्स पार्टी के फर्नाडो हदाद के खिलाफ 28 अक्टूबर, 2018 को हुए चुनाव में भारी अंतर से जीत दर्ज की. बोल्सोनारो को यह जीत, ब्राजील में व्याप्त भ्रष्टाचार व अपराध पर नियंत्रण के वादों के कारण मिली है.

चौथी बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री बनेंगी शेख हसीना

प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग ने 30 दिसंबर को हुए आम चुनाव में लगातार तीसरी बार शानदार जीत दर्ज की है। सत्तारूढ़ अवामी लीग के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 300 सदस्यीय सदन में 260 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज की। जीतीं जबकि उसकी सहयोगी जातीय पार्टी ने 21 सीटें हासिल कीं। विपक्षी नेशनल यूनिटी फ्रंट (यूएनएफ) को सिर्फ सात सीटों पर जीत मिली। दक्षिण पश्चिम गोपालगंज सीट पर प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दो लाख 29 हजार 539 मतों से जीत दर्ज की

एपेक का 30वां शिखर सम्मलेन

एशिया-प्रशांत क्षेत्र के देशों के बीच स्वतंत्र व्यापार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 1989 में गठित 21 देशों के समूह एपेक (APEC - Asia-Pacific Economic Cooperation) का 30वां शिखर सम्मलेन पापुआ न्यू गिनी की राजधानी पोर्ट मोरेस्बी में 17-18 नवंबर 2018 को हुआ. अमेरिका व चीन के ट्रेड वॉर के चलते एपेक का यह शिखर सम्मलेन बिना किसी निष्कर्ष के समाप्त हो गया. चीन की महात्वकांक्षी बैल्ट एंड रोड परियोजना की भी आलोचना अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पेन्स ने की. सम्मलेन की अध्यक्षता पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री पीटर ओ नील ने की. एपेक का आगामी 31वां शिखर सम्मलेन चिली की राजधानी सेंटियागो में 16-17 नवंबर 2019 में प्रस्तावित है.

जय (JAI) शिखर बैठक

अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूसन आयर्स में जी 20 सम्मेलन में शामिल होने गए पीएम नरेंद्र मोदी भू-राजनीति के लिहाज से एक अहम बैठक का हिस्सा बने। पहली बार भारत-जापान और अमेरिका (JAI) की त्रिपक्षीय बैठक हुई। इस बैठक में पीएम मोदी के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और जापान के पीएम शिंजो आबे शामिल हुए। इन नेताओं के बीच सामरिक लिहाज से महत्वपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र को लेकर चर्चा हुई। इस बैठक में तीनों देशों ने एक बार फिर ओपन और फ्री इंडो-पसिफिक की वकालत की है। इस बैठक के बाद पीएम मोदी ने ट्वीट कर इसे जय (JAI) शिखर सम्मेलन का नाम देते हुए ऐतिहासिक और शानदार शुरुआत बताया।

क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी (RECP)

क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी एक मुक्त व्यापार समझौता है| इस की औपचारिक शुरुआत नवंबर 2012 में कंबोडिया में आसियान शिखर सम्मेलन में की गई थी| इसका उद्देश्य व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए सदस्य देशों के बीच व्यापार नियमों को उदार एवं सरल बनाना है| RCEP 10 आसियान देशों(ब्रूनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम) और इसके 6 FTA साझेदारों (ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, भारत, चीन, जापान और कोरिया) के बीच एक प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement – FTA)है। RCEP के 16 सदस्य देशों की कुल जनसँख्या 3.4 अरब है, इसकी कुल जीडीपी (PPP) 49.5 ट्रिलियन डॉलर है, यह विश्व की कुल जीडीपी का 38% हिस्सा है। सिंगापुर में अंतर-सत्रीयव्यापक क्षेत्रीय आर्थिक साझेदारी (RCEP) की 7वीं अंतर-सत्रीय मंत्रिस्तरीय बैठक का आयोजन आसिआन के 33वें शिखर सम्मेलन के साथ किया गया। इस बैठक में भारत की ओर से वाणिज्य व उद्योग तथा नागरिक विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने हिस्सा लिया। इस बैठक की अध्यक्षता सिंगापुर के व्यापार व उद्योग मंत्री चैन चुन सिंग ने की।

जी-20 सम्मलेन 2018 का समापन

विश्व की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं के समूह जी20 के नेताओं की यहां शनिवार को सम्पन्न हुई शिखर बैठक में वैश्विक अर्थव्यस्था से जुड़े ऐसे मुद्दे कम ही रहे जहां उनके बीच कोई सहमति बन सकी समापन सत्र में जारी वक्तव्य में असहमतियों के तमाम बिंदु स्पष्ट दिखाई दे रहे थे। जी20 का ब्यूनस आयर्स सम्मेलन दुनिया से कोई ठोस वादा नहीं कर सका। अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स में आयोजित दो दिवसीय जी-20 शिखर सम्मेलन के समापन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की कि भारत को वर्ष 2022 के जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी प्राप्त हुई है. साल 2022 में जी-20 सम्मेलन की मेजबानी इटली को करनी थी लेकिन भारत का आग्रह मानते हुए इटली ने यह अवसर भारत को सौंप दिया है.

जी-20 शिखर सम्मेलन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए दक्षिण अमेरिकी देश अर्जेंटीना रवाना हो गए हैं. इस यात्रा के दौरान उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत दुनिया के कई बड़े नेताओं के साथ मुलाकात होगी. मोदी अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स में 30 नवंबर और एक दिसंबर को आयोजित होने वाले होने वाले 13वें जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. जी-20 शिखर सम्मेलन के अलावा वह ब्रिक्स देशों के नेताओं से मुलाकात भी करेंगे.
12वें जी-20 शिखर सम्मेलन 2017 में जर्मनी के हैम्बर्ग में हुआ था.

क्या है जी-20

जी-20 का मतलब ग्रुप 20 से है। ये दुनिया के 20 ताकतवर देशों और यूरोपीय यूनियन (ईयू) देशों का समूह है। इसकी स्थापना 1999 में 7 देशों अमरीका, कनाडा, ब्रिटेन, जर्मनी, जापान, फ्रांस और इटली के विदेश मंत्रियों ने की थी। लेकिन 2008 में फाइनेंशियल क्राइसिस के बाद इस फोरम की अगुआई ग्रुप के देशों के शीर्ष नेताओं को दे दी गई। इस ग्रुप का दुनिया की 85 फीसदी इकोनॉमी और 75 फीसदी व्यापार पर कंट्रोल है। अमेरिका, कनाडा, रूस, जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, चीन और भारत समेत 20 देश हर साल समिट में मिलते हैं और दुनिया के आर्थिक हालात समेत कई मुद्दों पर चर्चा करते हैं।

अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन में 68वें सदस्य के रूप में शामिल हुआ म्यांमार

19 जुलाई, 2018 को भारत द्वारा आरंभ की गई पहल ‘अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन’ (ISA) में 68वें सदस्य के रूप में म्यांमार शामिल हुआ। दिल्ली डायलाग के दौरान म्यांमार के अंतरराष्ट्रीय सहयोग मंत्री क्याव तिन ने ISA फ्रेमवर्क पर हस्ताक्षर करके अपनी सहमति व्यक्त की।अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन भारत ने भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन की पहल की थी। इसकी शुरुआत संयुक्त रूप से पेरिस में 30 नवंबर, 2015 को संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन के दौरान CoP-21 से अलग भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति फ्रॉस्वा ओलांद ने की थी। अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन कर्क तथा मकर रेखा के मध्य आंशिक या पूर्ण रूप से अवस्थित 121 सौर संसाधन संपन्न देशों का एक अंतरराष्ट्रीय अंतर-सरकारी संगठन है। इसका मुख्यालय गुरुग्राम (हरियाणा) में है।


संयुक्त राष्ट्र महासभा का 73वां सत्र

संयुक्त राष्ट्र महासभा का 73वां सत्र 18 सितम्बर 2018 को शुरू हुआ और इसकी नयी अध्यक्ष मारिया फर्नांडा एस्पिनोसा गारसेस ने इस वैश्विक संस्था में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने तथा सुधार प्रक्रिया को समर्थन देने का संकल्प लिया. मारिया इस 193 सदस्यीय संस्था के इतिहास में इस पद पर निर्वाचित होने वाली चौथी महिला और लातिन अमेरिका तथा कैरेबियाई क्षेत्र की पहली महिला हैं. भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की बहन एवं पूर्व भारतीय राजनयिक विजय लक्ष्मी पंडित वर्ष 1953 में महासभा की अध्यक्ष निर्वाचित होने वाली पहली महिला थीं. इनके बाद लाइबेरिया की एंजी एलिजाबेथ 1969 में जबकि बहरीन की शेखा हया राशिद आल खलीफा 2006 में इस पद पर चुनी गई थीं. महासभा अध्यक्ष ने अपने संबोधन में अपनी सात प्राथमिकताओं को रेखांकित किया. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने मारिया को पद संभालने पर बधाई दी.

स्कॉट मॉरिसन ऑस्ट्रेलिया के नए प्रधानमंत्री

ऑस्ट्रेलिया के वित्तमंत्री स्कॉट मॉरिसन को ऑस्टेलिया का नया प्रधानमंत्री चुना गया है जो मैलकम टर्नबुल का स्थान लिया है. पद से हटाये गये नेता मैलकम टर्नबुल के करीबी सहयोगी मॉरिसन, पार्टी के भीतर हुए मतदान में 40 के मुकाबले 45 वोटों से जीते। टर्नबुल की एक अन्य सहयोगी विदेश मंत्री जुली बिशप भी इस पद के लिए दौड़ में थीं, लेकिन वह पहले ही चरण के दौड़ में बाहर हो गयीं।

इब्राहिम मोहम्मद मालदीव के नए राष्ट्रपति

कोलंबो:मालदीव राष्ट्रपति चुनाव परिणाम की हुई घोषणा में विपक्ष के उम्मीदवार मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) के इब्राहीम मोहम्मद सोलिह को जीत मिली है। सोलिह को 58.3 प्रतिशत मत मिले हैं। पर्यवेक्षकों का आरोप था कि निवर्तमान राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने अपनी जीत पक्की करने के लिए गड़बडिय़ां की हैं।

आरिफ अल्वी पाकिस्तान के नये राष्ट्रपति



प्रधानमंत्री इमरान खान के करीबी सहयोगी और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल आरिफ अलवी ने पाकिस्तान के नये राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। पाकिस्तान के प्रधान न्यायाधीश साकिब निसार ने ऐवान-ए-सद्र (राष्ट्रपति भवन) में आयोजित सादे समारोह में पेशे से दंत चिकित्सक 69 वर्षीय अलवी को पाकिस्तान के 13वें राष्ट्रपति के रूप में पद की शपथ दिलायी। अलवी को चार सितंबर को हुए चुनाव में पाकिस्तान का नया राष्ट्रपति चुना गया था। अलवी ने पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के उम्मीदवार ऐतजाज अहसन और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-एन के उम्मीदवार मौलाना फजल उर रहमान को त्रिकोणीय मुकाबले में मात दी थी।

12वें एशिया-यूरोप शिखर सम्मेलन

ब्रूसेल्स : उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने 12वें एशिया-यूरोप (एएसईएम) शिखर सम्मेलन के दौरान आतंकवाद को शांति और स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बताते हुए वैश्विक आतंकवाद पर व्यापक समझौते को जल्द पूरा करने का आह्वान किया. नायडू सम्मेलन में पूर्ण सत्र को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने 12वें एशिया-यूरोप बैठक (एएसईएम) शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया . इसकी थीम थी ‘वैश्विक चुनौतियों के लिए वैश्विक साझेदार' है. वर्ष में दो बार होने वाले इस सम्‍मेलन को एशिया और यूरोप के बीच व्‍यापार, निवेश, सुरक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में संवाद और सहयोग के सबसे बड़े मंच के रूप में देखा जाता है। इसमें इस बार 51 देशों के शासनाध्‍यक्षों और राष्‍ट्राध्‍यक्षों ने भाग लिया.

श्रीलंका में संवैधानिक संकट



श्रीलंका में संवैधानिक संकट की स्थिति पैदा हो गई है. राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना ने प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को बर्खास्त कर पूर्व राष्ट्रपति महिंद्रा राजपक्षे को प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई।दूसरी तरफ, विक्रमसिंघे ने खुद को हटाए जाने को 'गैरकानूनी' बताया है और कहा है कि वह इस फैसले को कोर्ट में चुनौती देंगे। जिसके बाद वित्त मंत्री ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए राजपक्षे की इस तरह की वापसी को अलोकतांत्रिक सत्तापलट करार दिया।



काट्सा CAATSA क्या है ?

अमेरिकी सीनेट ने ईरान,उत्तर कोरिया और रूस पर पाबंदियां लगाने के लिए 2017 में "Countering America's Adversaries Through Sanctions Act" (काट्सा) पास किया था. इसका उद्देश्य यूरोप में रूस के बढ़ते प्रभाव को रोकना भी है. इसकी धारा 231 के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति के पास किसी भी देश पर 12 किस्म के पाबंदियां लगाने का अधिकार है. अमेरिका ने रूस के 39 संस्थाओं को चिन्हित किया है,जिनके साथ कारोबार करनेवालों को पाबंदियों का सामना करना पड़ सकता है. इनमे ज्यादातर संस्थाएं रक्षा उपकरणों को तैयार करती है. भारत के सबसे ज्यादा रक्षा-उपकरण रूसी हैं. इस अधिनियम के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति के पास राष्ट्रीय हित में किसी देश को इन पाबंदियों से छूट देने का अधिकार भी है. भारत ने रूस के साथ जमीन से हवा में मारने की क्षमता वाले एस-400 मिसाइलों की डील कर दी है, लेकिन अमेरिका अड़ंगा बना हुआ है। रूस के साथ हुई डील के बाद अमेरिका ने भारत से कहा है कि वे अगर से उनसे एफ-16 फाइटर खरीद लें तो उन पर काट्सा (Countering America's Adversaries Through Sanctions Act) के तहत कार्रवाई नहीं की जाएगी।

भारत संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद का सदस्य बना

संयुक्त राष्ट्र: भारत संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष मानवाधिकार संस्था में तीन साल के लिए चुना गया. उसे एशिया - प्रशांत श्रेणी में 188 वोट मिले हैं. भारत का कार्यकाल एक जनवरी 2019 से शुरू होगा. संयुक्त राष्ट्र की 193 सदस्यीय महासभा ने यहां संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) के नये सदस्यों के लिए चुनाव किया. गुप्त मतदान के जरिए कुल 18 नये सदस्य चुने गए हैं. परिषद के लिए चुने जाने के लिए कम से कम 97 वोटों की जरूरत होती है. भारत एशिया-प्रशांत श्रेणी में सीट के लिए इच्‍छुक था. भारत के अलावा इस सीट के लिए बहरीन, बांग्‍लादेश, फिजी और फिलिपींस ने भी अपना दावा पेश किया था. यह देखते हुए कि एशिया-प्रशांत श्रेणी में पांच देश सीट पाने के इच्‍छुक हैं, भारत का चुना जाना लगभग तय था. संयुक्‍त राष्‍ट्र में भारत के स्‍थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि भारत की जीत अंतराष्‍ट्रीय समुदाय में भारत की मजबूत स्थिति को दर्शाती है.

एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम

भारत और रूस के बीच आखिरकार बहुप्रतिक्षित एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम डील पर हस्ताक्षर हो गए हैं। डील के मुताबिक भारत रूस से एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम के 5 सेट खरीदेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद नई दिल्ली में इस डील पर हस्ताक्षर किए गए। रूस के साथ ये डील होने के बाद भारत दुनिया का तीसरा ऐसा देश बन गया जिसके पास यह मिसाइल सिस्टम होगा। भारत से पहले रूस चीन और तुर्की के साथ डील कर चुका है।

ऑपरेशन ‘समुद्र मैत्री’

इंडोनेशिया में भूकंप और सुनामी पीड़ितों की सहायता के लिए भारत ने व्यापक अभियान शुरू करते हुए दो विमान और नौसेना के तीन पोत भेजे हैं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशियाई राष्ट्रपति जोको विदोदो के बीच एक अक्टूबर को टेलिफोन पर हुई बातचीत तथा इंडोनेशिया द्वारा अंतरराष्ट्रीय सहायता स्वीकार किए जाने के बाद भारत ने ऑपरेशन ‘समुद्र मैत्री’ शुरू किया।

दिल्ली आईजीआई एयरपोर्ट विश्व का 16वां सबसे व्यस्त एयरपोर्ट

दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्‌डा दुनिया का 16वां सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है। 2017 में दिल्ली हवाई अड्‌डे से 6.3 करोड़ लोगों ने सफर किया। अटलांटा हार्ट्सफील्ड-जैक्सन एयरपोर्ट दुनिया का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा रहा। यहां से 2017 में 10.4 करोड़ लोगों ने सफर किया। अटलांटा पिछले साल भी नंबर-1 था। जबकि दूसरे नबंर पर पेइचिंग एयरपोर्ट है। तो वहीं दुबई इंटरनैशनल एयरपोर्ट तीसरे स्थान पर है। इसके बाद टोक्यो एयरपोर्ट चौथे स्थान पर है।

इब्राहिम मोहम्मद सोलिह मालदीव के अगले राष्ट्रपति

मालदिवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) के इब्राहिम मोहम्मद सोलिह मालदीव के अगले राष्ट्रपति होंगे। रविवार को हुए राष्ट्रपति चुनाव में उन्होंने मौजूदा राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन को हरा दिया। चुनाव आयोग के मुताबिक, सोलिह को 58.3 प्रतिशत वोट हासिल हुए। इब्राहिम भारत के साथ मजबूत रिश्तों के हिमायती रहे हैं, जबकि यामीन का झुकाव चीन की तरफ रहा है।

विश्व हिंदू कांग्रेस 2018

7-9 सितंबर, 2018 के मध्य द्वितीय ‘विश्व हिंदू कांग्रेस’ (World Hindu Congress) शिकागो, अमेरिका में आयोजित की जा रही है। ‘विश्व हिंदू कांग्रेस’, विश्व हिंदू फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक अनौपचारिक सम्मेलन है। इस अवसर पर 9 सितंबर, 2018 को ‘स्वामी विवेकानंद के शिकागो भाषण की 125वीं वर्षगांठ’ के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। 11 सितंबर, 1893 को स्वामी विवेकानंद ने शिकागो में आयोजित धर्म संसद को संबोधित किया था। भारत के उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू इस कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। विश्व हिंदू कांग्रेस में लगभग 80 देशों से 2,500 से ज्यादा प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्मीद है। प्रथम ‘विश्व हिंदू कांग्रेस’ को 21-23 नवंबर, 2014 को नई दिल्ली में आयोजित किया गया था।

चौथा बिम्सटेक शिखर सम्मेलन, 2018

30-31 अगस्त, 2018 के मध्य बिम्सटेक (BIMSTEC : Bay of Bengal Initiative for Multi Sectoral Technical and Economic Cooperation) का चौथा शिखर सम्मेलन काठमांडू नेपाल में आयोजित हुआ। इस दो दिवसीय शिखर सम्मेलन का मुख्य विषय (Theme) – ‘‘शांतिपूर्ण, समृद्ध और स्थिर बंगाल की खाड़ी क्षेत्र का लक्ष्य’’ (Towards a Peaceful, Prosperous and Sustainable Bay of Bengal Region) था। ज्ञातव्य है कि बिम्सटेक का तीसरा शिखर सम्मेलन नाय पी टा (Nay Pyi Taw) में वर्ष 2014 में आयोजित किया गया था। चौथे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस शिखर सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। इसके अलावा बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना, थाईलैंड के प्रधानमंत्री प्रयुत चान ओचा, म्यांमार के राष्ट्रपति विन मिन्त और भूटान की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार दाशो शेरिंग वांगचुक ने भाग लिया। इस सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अगस्त, 2020 में ‘अंतरराष्ट्रीय बुद्धिस्ट कॉनक्लेव’ की मेजबानी करेगा, जिसमें बिम्सटेक सदस्य देश ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ के रूप में भागीदारी करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में कला, संस्कृति, सामुद्रिक कानूनों एवं अन्य विषयों पर शोध के लिए नालंदा विश्वविद्यालय में एक ‘सेंटर फॉर बे ऑफ बंगाल स्टडीज’ (Centre for Bay of Bengal Studies) की स्थापना करेगा। इस शिखर सम्मेलन में बिम्सटेक के सदस्य देशों में ऊर्जा सहयोग को बढ़ाने के लिए बिम्सटेक ग्रिड इंटर कनेक्शन की स्थापना के लिए सहमति-पत्र पर भी हस्ताक्षर किया गया। अगला शिखर सम्मेलन श्रीलंका में प्रस्तावित है। 31 अगस्त, 2018 को चौथे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन का घोषणा-पत्र जारी किया गया। जिसके कुछ प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं- (i) वर्ष 2030 तक बंगाल की खाड़ी क्षेत्र से निर्धनता उन्मूलन के प्रति प्रतिबद्धता। (ii) इस क्षेत्र में राजमार्गों, रेलमार्गों, जलमार्गों और वायु सेवाओं का विकास विस्तार और आधुनिकीकरण। (iii) बिम्सटेक मुक्त व्यापार क्षेत्र (FTA) की बातचीत को शीघ्र पूर्ण करने की प्रतिबद्धता। (iv) दिसंबर, 2018 में बिम्सटेक स्टार्ट-अप सभा भारत में प्रस्तावित। (v) मार्च, 2019 में बिम्सटेक के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुखों की तीसरी बैठक थाईलैंड में प्रस्तावित।

बिम्सटेक के बारे में

बिम्सटेक’ – अर्थात द बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी- सेक्टरल टेक्निकल एंड इकोनोमिक को-ऑपरेशन’ में भारत तथा बंगाल की खाड़ी के आसपास के देश बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, म्यामांर और थाईलैंड शामिल हैं। बिम्सटेक की स्थापना के पूर्व ‘बिस्टेक’ स्थापित हुआ था। थाईलैंड के विशेष प्रयासों से जून, 1997 में बैंकॉक में बांग्लादेश, भारत-श्रीलंका एवं थाईलैंड की बैठक हुई थी और ‘BIS-TC’ (Bangladesh, India, Sri Lankal Thailand – Economic Cooperation) का गठन बैंकॉक घोषणा-पत्र द्वारा किया गया। दिसंबर, 1997 में ही इस समूह में म्यांमार के सम्मिलित होने से इसका नामकरण ‘BIMST-EC’ (Bangladesh, India, Myanmar, Sri Lank, Thailand – Economic Cooperation) कर दिया गया। फरवरी, 2004 में नेपाल एवं भूटान भी इस समूह में सम्मिलित हुए। परिणामतः इसका नाम पुनः परिवर्तित कर ‘BIMSTEC’ रखा गया। वर्तमान में इसके सात सदस्य हैं। इन देशों में विश्व की लगभग 22 प्रतिशत जनसंख्या रहती है। बिम्सटेक का पहला शिखर सम्मेलन जुलाई, 2004 में थाईलैंड में आयोजित हुआ था। वर्ष 2014 में ढाका (बांग्लादेश) में बिम्सटेक के सचिवालय की स्थापना की गई।

11वां विश्व हिंदी सम्मेलन

भारतीय विदेश मंत्रालय ने मॉरीशस सरकार के सहयोग से 18 से 20 अगस्त 2018 तक 11वें विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन किया गया. इस सम्मेलन का प्रतीक चिन्ह 'मोर के साथ डोडो' था. मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ ने सम्मेलन में दो डाक टिकट जारी किये. एक पर भारत एवं मॉरीशस के राष्ट्रिय ध्वज और दूसरे पर दोनों देशों के राष्टीय पक्षी मोर और डोडो की तस्वीर है. इसके साथ ही उन्होंने भारत के सहयोग से बने साइबर टावर को अब अटल बिहारी वाजपयी टावर नाम देने की घोषणा की. भारतीय विदेश मंत्रालय के सहयोग से मॉरीशस के महात्मा गाँधी इंस्टिट्यूट में हिंदी को बढ़ावा देने के लिए 'पाणिनी भाषा प्रयोगशाला' भी शुरू की गई है. इसका उद्घाटन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने किया.



18वां शंघाई सहयोग शिखर सम्मेलन

शंघाई सहयोग संगठन (Shanghai Cooperation Organisation: SCO) का 18वां सम्मेलन पूर्वी चीनी तटीय शहर किंगडाओ में 9-10 जून को आयोजित हुआ ।

शंघाई सहयोग संगठन के बारे में